पाली, 24 अगस्त। श्री मरूधर केसरी मित्र मंडल द्वारा गुरु द्वय जन्मजयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सप्त दिवसीय कार्यक्रम के पंचम दिवस को तप-त्याग, सेवा, गौ माता पूजन एवं गुणगान दिवस के रूप में मनाया गया। आचार्य श्री रघुनाथ स्मृति जैन भवन में संघ के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में मरुधरा भूषण पूज्य प्रवर्तक श्री सुकनमुनि जी म.सा., उप प्रवर्तक श्री अमृतमुनि जी म.सा., युवा प्रणेता श्री महेश मुनि जी म.सा., श्री अखिलेश मुनि जी म.सा., डॉ. श्री वरुण मुनि जी म.सा. तथा महासती श्री उमरावकंवर जी एवं डॉ. प्रीतिसुधा जी ने प्रवचन दिए।

संतों ने कहा कि मनुष्य को भगवान से नहीं, बल्कि अपने बुरे कर्मों से डरना चाहिए। भगवान तो क्षमा करने वाले हैं। प्रवचन के दौरान गुरुदेव के जीवन से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रसंगों का उल्लेख किया गया। बताया गया कि सेवाड़ा गांव में बीस राजपूत परिवारों ने मद्य एवं मांस का त्याग किया, वहीं भीनमाल में जुआ बंद करवाने जैसे सामाजिक सुधार के कार्य भी हुए।
डॉ. वरुण मुनि जी ने गुरुदेव मिश्रीमल जी महाराज की सांसारिक जीवन से संत जीवन तक की विस्तृत कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि गुरुदेव ने गुरु मानमल जी एवं बुद्धिमल जी के सानिध्य में रहकर ज्ञान अर्जित किया। प्रसन्नमल जी महाराज से मिले ज्ञान को आत्मसात करते हुए उन्होंने उनकी 200 लावणियों को एक बार सुनकर ही रात में उनकी लिपि तैयार कर दी, जिससे सभी आश्चर्यचकित रह गए। गुरु मानमल जी ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा था कि उन्हें युगों तक याद किया जाएगा। पिता के विरोध के बावजूद वे वैराग्य के मार्ग पर चले। गुरु मानमल जी के जाने के बाद बुद्धिमल जी ने गुरु का दायित्व निभाते हुए उन्हें पूर्ण मार्गदर्शन दिया और कहा कि वे ऐसे संत बनें जो जिन शासन के सूर्य के समान प्रकाश फैलाएं। दीक्षा के प्रसंग की आगे की कथा मंगलवार को सुनाई जाएगी।

प्रवर्तक श्री सुकनमुनि जी ने श्रद्धालुओं से 26 अगस्त को गुरु मिश्री के नाम से एक सामायिक रखने तथा कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
मित्र मंडल के मंत्री सज्जनराज गुलेच्छा ने बताया कि हरियाड़ा गौशाला में गौ माता की पूजा-अर्चना कर लापसी का भोग लगाया गया। इसके लाभार्थी गौतमचंद-महावीरचंद नवलखा परिवार रहे। सजोड़े जाप की प्रभावना के लाभार्थी मांगीलाल, गणेशकुमार, सौरभ एवं रणवीर संचेती परिवार रहे।
मंडल परिवार की ओर से राम रसोड़ा एवं सेवा समिति वृद्धाश्रम में मीठे भोजन की सेवा भी की गई। इस अवसर पर 200 श्रावक-श्राविकाओं ने तीन-तीन सामायिक की। सामायिक प्रभावना के लाभार्थी राकेशकुमार-पदमचंद भंसाली परिवार तथा प्रवचन प्रभावना के लाभार्थी लालचंद-प्रितेशकुमार कावड़िया परिवार रहे।
मंगलवार को केशव नगर गौशाला में लापसी भोग एवं सेवा दिवस आयोजित किया जाएगा। मंडल परिवार की ओर से अपना घर, नेत्रहीन एवं कुष्ठ रोग सेवा संस्थानों तथा महावीर सेवा समिति में मीठे भोजन की सेवा की जाएगी। 26 अगस्त को गुरु मिश्री के नाम से एक सामायिक का आयोजन भी होगा।
कार्यक्रम में संघ अध्यक्ष पदम ललवानी, मंत्री प्रकाश कटारिया, केवलचंद धोका, धनपत चौपड़ा, नरेंद्र पंच, मांगीलाल संचेती, लखपतराज सिंघवी, प्रेमचंद लोढ़ा, प्रकाश भरकतिया, सोमचंद नाहटा, पुनीत मुथा, नेमीचंद छाजेड़ सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं का सहयोग रहा।
