पाली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक प्रकरण एवं परीक्षा रद्द होने को लेकर एनएसयूआई कार्यकारी जिला अध्यक्ष गणपत पटेल ने केंद्र सरकार, एनटीए एवं शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। वर्षों की मेहनत, परिवारों का संघर्ष और विद्यार्थियों के सपने भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ रहे हैं।
गणपत पटेल ने कहा कि देशभर के करीब 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा की तैयारी में दिन-रात मेहनत की, कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये खर्च किए, मानसिक दबाव और कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना किया, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया। परीक्षा रद्द होने से लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों में भारी निराशा एवं आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कई वर्षों में लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आए हैं, जिससे युवाओं का विश्वास सरकारी व्यवस्थाओं से उठता जा रहा है। यदि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी सुरक्षित नहीं रह पा रही है, तो यह अत्यंत चिंताजनक विषय है।
एनएसयूआई कार्यकारी जिला अध्यक्ष गणपत पटेल ने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों, माफियाओं और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं जवाबदेह बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के कारण छात्र मानसिक तनाव, अवसाद और असुरक्षा की स्थिति में पहुंच रहे हैं। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
