पाली।10 जनवरी राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पाली जिले में “मनरेगा बचाओ संग्राम” का बिगुल बज चुका है। यह आंदोलन जिले के हर ब्लॉक, मंडल और पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और किसान के संवैधानिक अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है।
पाली जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करने की कोशिश गरीबों से रोजगार, सम्मान और अधिकार छीनने की सोची-समझी साजिश है। कांग्रेस इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
पाली विधायक भीमराज भाटी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह और CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना आज दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है। इस योजना ने ग्रामीण भारत को मजबूती दी और करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की।
पाली शहर ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई ने कहा कि केंद्र सरकार ‘सुधार’ के नाम पर मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की नीति अपना रही है, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान गांव, गरीब और मजदूर वर्ग को होगा।
महिला जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने तथाकथित “विकसित भारत” मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि—
न काम की कानूनी गारंटी है
न 100 दिन रोजगार का अधिकार
न न्यूनतम मजदूरी की सुरक्षा
न पंचायतों को काम देने का अधिकार
उन्होंने आरोप लगाया कि अब काम सरकार और ठेकेदारों की मर्जी से मिलेगा। फसल कटाई के समय रोजगार नहीं मिलेगा और राज्य सरकार पर 40% खर्च का बोझ डालकर जानबूझकर मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि गांव, गरीब और मजदूर के संवैधानिक अधिकारों पर हमला किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं की एकजुट चेतावनी
इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाडवास, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोवर्धन देवासी, सेवादल जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी, जिला महासचिव रफीक चौहान, ताराचंद चन्दनानी, अभाव अभियोग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अशोक कुलदीप, मोहनसिंह राजपुरोहित, चन्द्रपाल सिंह पुनायता, साबीर अशरफी, सुरेश हीरागर, भेराराम गुर्जर, अनिल सिंह निम्बाडा, मनोहर सिंह जवाली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मनरेगा बचाओ संग्राम का एलान, पाली जिले में कांग्रेस का बड़ा आंदोलन
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