पाली।युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे निरोगी राजस्थान अभियान के तहत तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान तथा राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मल्टी स्टेक होल्डर्स के लिये एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को राजकीय बांगड़ चिकित्सालय स्थित एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र के सभागार में आयोजित हुआ।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि शनिवार को आयोजित तम्बाकू प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्टेक होल्डर्स को तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य एवं तम्बाकू मुक्ति केन्द्र के साइकाॅलोजिस्ट के.सी. सैनी ने विस्तृत जानकारी प्रदान कर सभी स्टेक होल्डर्स को कोटपा अधिनियम के बारे में जागरूक किया ताकि जिले में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में उनका सहयोग प्राप्त हो सके। सीएमएचओ डाॅ. मारवाल ने इस बारे में बताया कि जिलें में तम्बाकू उत्पाद बेचने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है, लेकिन सभी तम्बाकू विक्रेताओं को कोटपा अधिनियम की पूर्णतः पालना करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में कोटपा-2003 अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जायेगी। उन्होंने बताया कि जिले की विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं विद्यालयों को तम्बाकू मुक्त संस्थान बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जायेंगें। साथ ही इन संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर उन्हें भी जागरूक किया जायेगा। ताकि हमारी युवा पीढ़ी को तम्बाकू मुक्त रखा जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान जानकारी देते हुये एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य एवं तम्बाकू मुक्ति केन्द्र के साइकाॅलोजिस्ट के.सी. सैनी ने बताया कि विश्व में तम्बाकू उत्पादों के उपभोग से प्रतिवर्ष 80 लाख लोगो की मौत हो जाती है। वही भारत में प्रतिवर्ष लगभग 15 लाख लोगों की मौत होती है, जबकि राजस्थान में प्रतिवर्ष करीब 80 हजार लोग तम्बाकू के कारण असमय मौत का शिकार हो जाते है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित तम्बाकू विक्रेताओं को जागरूक कर उन्हें बताया कि सभी लोग अपने अपने प्रतिष्ठानों पर तम्बाकू की चेतावनी के बोर्ड आवश्यक रूप से प्रदर्शित करें, किसी भी नाबालिग को तम्बाकू उत्पादों का विक्रय नही करें, काउन्टर पर खुली माचिस या लाईटर आदि नहीं रखें, खुली बीड़ी या सिगरेट का विक्रय नहीं करें तथा सभी को समझायें कि दुकान पर ही तम्बाकू उत्पादों का सेवन नही करें। ऐसा करना सभी तम्बाकू विक्रेताओं की बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसका उल्लंघन करने पर उन पर कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है। उन्होंने सभी तम्बाकू विक्रेताओं का आह्वान किया कि वे सभी अपने अपने प्रतिष्ठानों पर तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापनों के बोर्ड, स्टीकर्स आदि का प्रदर्शन नहीं करें तथा तम्बाकू उत्पादों के पैकिट पर 85 प्रतिशत हिस्सें में कैंसर की सचित्र चेतावनी के बिना कोई नहीं बेचें। उन्होंने सभी स्टेक होल्डर्स एवं तम्बाकू विक्रेताओ को जीवन में कभी भी तम्बाकू या अन्य किसी भी प्रकार का नशा नहीं करने की नसीहत भी दी तथा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी लोगों को तम्बाकू मुक्ति की शपथ दिलवाई। कार्यक्रम के दौरान तम्बाकू के हाॅलसेल डीलर्स नितिन लखवानी, योगेन्द्र लखवानी, हरीश शर्मा, शुभम सिंह, श्याम चन्दनानी, तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के रेवन्त राम, महेश कुमार, महेन्द्र कुमार सहित लगभग 80 लोग उपस्थित रहे।
