नाय के इंतजार में पीड़ित बिस्तर पर तो पत्नी आरोपियों की गिरफ्तारी पर दर दर की खा रही ठोकर, लूणी तहसील के चेनपुरा भाटान सतलाना का मामला,

लूणी तहसील के चेनपुरा भाटान (सतलाना) गांव से एक झकझोर देने वाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले तीन महीनों से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे पीड़ित महेंद्र को न्याय दिलाने के लिए अब तक पुलिस का दिल भले ही न पिघला हो, लेकिन घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह अब हिम्मत जुटाकर सामने आ गए हैं। गवाहों के इस सनसनीखेज खुलासे के बाद भी स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गहरे सवाल उठ रहे हैं।
3 महीने से अस्पताल में जिंदगी की जंग: तीन माह पूर्व महेंद्र पर जानलेवा हमला किया गया था। तब से पीड़ित गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और उसका जीवन-मरण का संघर्ष जारी है।
गवाहों का बड़ा खुलासा: घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने साफ-साफ कहा है कि “आरोपियों ने पीड़ित महेंद्र को हमारे आंखों के सामने बेरहमी से पीटा था।”
गवाहों को मिल रही जान से मारने की धमकियां: सामने आए गवाहों का आरोप है कि मामला उजागर करने और गवाही देने पर आरोपी उन्हें भी लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल है। पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल: संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज हुए तीन महीने से भी अधिक समय बीत चुका है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
पीड़ित परिवार का दर्द: “न्याय नहीं मिला तो परिवार सहित भूख हड़ताल”
पीड़ित महेंद्र की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पति के इलाज का भारी-भरकम बोझ और दूसरी तरफ न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने से परेशान पत्नी ने अब प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है।पीड़ित पत्नी का बयान:
“तीन महीने हो गए हैं, मेरे पति अस्पताल में पड़े हैं। आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम घूम रहे हैं और गवाहों को धमका रहे हैं। अगर पुलिस ने जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई कर हमें न्याय नहीं दिलाया, तो मैं अपने पूरे परिवार के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठूंगी और अमरण भूख हड़ताल करूंगी।”
उठते गंभीर सवाल:
आखिर तीन महीने बीत जाने के बाद भी संबंधित पुलिस थाना आरोपियों की गिरफ्तारी से क्यों कतरा रहा है? प्रत्यक्षदर्शियों को खुलेआम मिल रही धमकियों की जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है या पीड़ित परिवार को न्याय के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा?
ग्रामीणों का आक्रोश: सतलाना और चेनपुरा भाटान के ग्रामीणों में पुलिस की इस ढिलाई को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। यदि शीघ्र ही आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो मामला बड़े जनांदोलन का रूप ले सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *