केंद्र का बजट ‘विकसित भारत’ के नाम पर आमजन से ‘विश्वासघात’, पाली और मारवाड़ के हाथ फिर खाली- शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा*

पाली,,

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यह ‘अमृतकाल’ का नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए ‘आपदाकाल’ का बजट है। इसमें शब्दों की लीपापोती है, जबकि गरीब की थाली और युवा के रोजगार का फिक्र गायब है। किसानों को भी खोखले वादों के सिवाय कुछ नहीं मिला।
कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी बजट का पुरजोर विरोध करती है। पाली जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे दिशाहीन और आमजन की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बताया है। बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निम्बाड़ा ने कहा कि, “यह बजट धरातल की सच्चाइयों से कोसों दूर और पूरी तरह से हवाई है। पिछले कई सालों से देश की जनता की आस पर कठूराघात किया गया है , वित्त मंत्री ने उसे फिर से ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ में उलझा दिया है। इसमें न तो बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने का कोई रोडमैप है और न ही युवाओं के लिए रोजगार की कोई ठोस गारंटी।”
*निंबाडा ने पाली जिले की उपेक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा, “पाली जिले को इस बजट ने एक बार फिर निराश किया है केंद्र सरकार ने मारवाड़ के साथ सौतेला व्यवहार किया है। हमारे टेक्सटाइल उद्योग को प्रदूषण और मंदी की मार से उबारने के लिए विशेष पैकेज की दरकार थी, जिस पर केंद्र ने चुप्पी साध ली है। जवाई बांध के पुनर्भरण और पेयजल समस्या के स्थाई समाधान के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं करना यहाँ की जनता के साथ छलावा है। निम्बाड़ा ने आगे कहा कि यह बजट केवल चंद पूंजीपतियों को खुश करने वाला दस्तावेज है। इसमें किसान, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए केवल ‘जुमले’ हैं। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों से त्रस्त गृहिणियों को कोई राहत नहीं दी गई है।

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