सरकारी नियमों को ताक में रख बिना मकान मलिक के सहमति में ठकेदार लगा रहे बिजली स्मार्ट मीटर,मकान मालिक ने जताया विरोध, फिर भी लगा दिया मीटर,,

ब्रेकिंग न्यूज़: पाली में स्मार्ट मीटर ठेकेदारों की गुंडागर्दी! मकान मालिक के विरोध के बावजूद जबरन लगाया मीटर, वीडियो वायरल
पाली। जिले के समीपवर्ती बागड़िया गांव से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर लगाने वाले ठेकेदारों की तानाशाही और मनमानी चरम पर है। सरकार और प्रशासन के सख्त आदेशों को ताक पर रखकर ठेकेदार आम जनता को प्रताड़ित कर रहे हैं। ताजा मामले में, मकान मालिक की साफ मनाही के बावजूद ठेकेदारों ने जबरन स्मार्ट मीटर ठोक दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
🚫 सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले दिनों स्मार्ट मीटरों में कई तकनीकी कमियां और गड़बड़ियां पाई गई थीं, जिसके बाद सरकार ने स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि “मकान मालिक की लिखित या मौखिक अनुमति के बिना किसी भी घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा।” लेकिन बागड़िया गांव में ठेकेदारों ने सरकार के इन जनहितैषी आदेशों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
📹 वीडियो में कैद हुई ठेकेदारों की मनमानी
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़ित मकान मालिक लगातार मीटर लगाने का विरोध कर रहा है और सरकारी नियमों का हवाला दे रहा है। इसके बावजूद, मौके पर मौजूद ठेकेदार और उनके कर्मचारी दादागिरी पर उतारू दिखे। उन्होंने मकान मालिक की एक न सुनी और जबरन मीटर इंस्टॉल कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है: “जब सरकार ने खुद कहा है कि बिना मर्जी के मीटर नहीं लगेगा, तो ये ठेकेदार किस हैसियत से हमारे घरों में जबरदस्ती घुसकर मनमानी कर रहे हैं? क्या इन्हें प्रशासन का कोई खौफ नहीं है?”
🔍 उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं: क्या ऊंचे रसूख के दम पर ठेकेदार सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं?जनता के विरोध के बावजूद जबरन मीटर लगाने के पीछे ठेकेदारों का क्या फायदा है? वीडियो सामने आने के बाद भी बिजली विभाग के उच्च अधिकारी मौन क्यों हैं? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषी ठेकेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और जबरन लगाए गए मीटर को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, मुकेश राजा।

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