पाली-जालोर- सिरोही का सबसे बड़ा, अग्रणी एवं विश्वसनीय रियल एस्टेट ग्रुप – बीसीएम ग्रुप 22,000 सपनों को घर देने वाला नाम मगराज जैन… सेवा को बताया सफलता का मार्ग, बीसीएम ग्रुप बना भरोसे की पहचान

पाली,,
राजस्थान के पाली, जालोर और मध्यमवर्गीय परिवार अपने खुद के घर होने
का सपना देखता है, तो सबसे पहले जुबान पर जो नाम आता है, वह है बीसीएम ग्रुप। इस ग्रुप को पहचान उसकी सोच और उसकी आत्मा हैं मगराज जैन, जिनके लिए रियल एस्टेट केवल व्यापार नहीं, बल्कि जनसेवा का सशक्त माध्यम है। मगराज जैन के जोवन की कहानी संघर्ष, संकल्प और सेवा की मिसाल है। महज 7 वर्ष की उम्र में व्यवसाय के प्रति जागी जिज्ञासा ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कभी कैडी बेचने से शुरू हुआ यह सफर आज 22,000 से अधिक परिवारों को प्लॉट और 1,000 से ज्यादा परिवारों को प्लॉट देने तक पहुंच चुका है। वर्ष 2014 में प्रॉपर्टी सेक्टर में कदम रखने वाले मगराज जैन ने मात्र 11 वर्षों में ऐसा इतिहास रच दिया, जो अपने आप में प्रेरणादायक है।
7 साल का जुनून, 11 साल।में इतिहास

मगराज जैन कहते हैं. मैंने कभी बड़ा बनने का सपना नहीं देखा, बस लोगों को कम दर पर अपना घर देने का संकल्प लिया। इसी सोच के साथ बीरसीएम ग्रुप की नींव रखी गई। आज पाली सहित राजस्थान के विभिन जिलों में हजारों परिवार अपने सपनों का आशियाना बना चुके हैं। यह केवल व्यापारिक सफलता नहीं, बल्कि एक सामाजिक मिशन है, जिसने बीसीएम ग्रुप को आमजन के भरोसे का प्रतीक बना दिया।
मगराज जैन हर वर्ष अपना जन्मदिन किसी व्यक्तिगत उत्सव के रूप में नहीं मनाते, बल्कि रक्तदान शिविर आयोजित कर समाज को समर्पित करते हैं। अब तक 1,000 यूनिट से अधिक रक्तदान कराया जा चुका है। उनका मानना है, “अगर मेरा जन्मदिन किसी की जिंदगी बचा सके, तो वही सबसे बड़ा उपहार है।”

कोरोना काल में सेवा की मिसाल

कोरोना महामारी के कठिन समय में जब अधिकांश लोग घरों तक सीमित थे, तब मगज जैन और उनकी टीम सड़को पर जरूरतमंदों की सेवा में जुटी रही। करीब 5,000 करोना सेफ्टी किट और एक लाख मास्क जरूरत मंदों तक पहुंचाए गए। बीसीएम सेवा संस्थान के बैनर तले 100 स्पा, 400 एजेंट, 250 श्रमिक और 20,000 पॉटनिक सेवा कार्यों में सक्रिय रहे। इस दौरान कोई भी जस्ता हाथ नहीं लौटा।
बीसीएम ग्रुप के डायरेक्टर व समाजसेवी मगराज जैन कहते हैं कि ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि कैंडी बेचने वाला बच्चा एक दिन 22,000 परिवारों को घर देगा। लेकिन यह सीखा कि नीयत साफ हो तो 7 साल में जुनून और 11 साल में इतिहास लिखा जा सकता है।” यह कहानी सिर्फ एक ग्रुप की नहीं, बल्कि उस इंसान की है जो प्लॉट नहीं, सपनों को आकार देता है-जहां बिजनेस उनके लिए मिशन है और सेवा जीने का तरीका।
समाजसेवा में भी अग्रणी भूमिका
वर्ष 2025 में बीसीएम ग्रुप के 11 वर्ष पूर्ण होने पर 11 बच्चों को गोद लिया गया, जिनकी वी कक्षा तक की संपूर्ण शिक्षा का खर्च बीसीएम ग्रुप द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ ही गरीब बलिवाओं के विवाह, मंदबुद्धि एवं दिव्यांगजनों की सेवा, पौधारोपण तथा समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग में बीसीएम ग्रुप निरंतर भूमिका निभाता आ रहा है।

परिवार और टीम सबसे बड़ी ताकत
लीलादेवी संकलेचा भाई मूलचंद, मदनलाल, कानजना आशीष संकलेचा, दिव्या ठहुल संवालेवा और चेतना विद्युत बाफना पूरा परिवार सेवा कार्यों में सहभागी है। मगरात जैन का कहना है. अगर परिवार का साथ न होता, तो यह सब संमद नहीं हो पाता। वे अपने 100 स्टाफ, 400 एजेंट और 20,000 पॉट मालिकों को भी यही संदेश देते हैं पैसा कमाना आसान है, इंसानियत कमाना मुश्किल है. उसका कुछ हिस्सा समाज को जरूर लौटाओ।
केद्रीय मंत्री शिवराज सिंह राज जैत को दुबई के प्रिंस चौहान (इंडिया प्राइड) कर सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन जैन कहते हैं, “सबसे बड़ा सम्मान यो आंखें हैं, जो अपने घर की चाबी लेते समय खुशी के आंसू निकल आते हैं।

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