पाली। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पाली यातायात पुलिस द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मोनिका सैन के निर्देशन और ट्रैफिक इंचार्ज चारण के नेतृत्व में पुलिस ने वाहन चालकों को हेलमेट बांटकर सुरक्षा का संदेश दिया। इस दौरान चालकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनका पालन करने का संकल्प दिलाया गया। पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन की मौजूदगी में हुआ आयोजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनाए। उन्होंने चालकों से संवाद करते हुए कहा कि हेलमेट किसी पुलिसिया कार्रवाई या चालान से बचने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपके जीवन की सुरक्षा का कवच है। एसपी ने अपील की कि हर व्यक्ति जब भी घर से दोपहिया वाहन लेकर निकले, तो अनिवार्य रूप से हेलमेट जरूर पहने।ट्रैफिक इंचार्ज चारण ने बताई हेलमेट की उपयोगिता यातायात प्रभारी (ट्रैफिक इंचार्ज) चारण ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा:एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को अंधकार में धकेल सकती है। हेलमेट की उपयोगिता सिर की चोट से बचाना है, जो सड़क हादसों में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनती है।”ट्रैफिक इंचार्ज ने वाहन चालकों को गति सीमा का ध्यान रखने, गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने और सीट बेल्ट व हेलमेट को अपनी दैनिक आदत में शामिल करने की बात कही।
यातायात पुलिस टीम रही मुस्तैद
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पाली ट्रैफिक पुलिस टीम के जवान और अधिकारी भी मुस्तैद रहे। टीम ने बिना हेलमेट जा रहे वाहन चालकों को रोककर उन्हें डांटने या चालान काटने के बजाय, गांधीवादी तरीके से समझाते हुए हेलमेट भेंट किए। पुलिस के इस सकारात्मक रवैये की आम जनता और राहगीरों ने जमकर सराहना की।
इन यातायात नियमों के पालन पर दिया गया जोर:
सुरक्षा कवच: दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों अनिवार्य रूप से आईएसआई (ISI) मार्क वाला हेलमेट पहनें।गति पर नियंत्रण: वाहनों को निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं।
नशे से दूरी: शराब पीकर या किसी भी प्रकार का नशा करके वाहन बिल्कुल न चलाएं।
संकेतों का सम्मान: रेड लाइट और चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल्स का पूरी निष्ठा से पालन करें।
यातायात पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पाली शहर में सड़क हादसों के ग्राफ को शून्य पर लाना और जनता के बीच पुलिस की मित्रवत छवि को पेश करना है।
