रैगर समाज ने संत शिरोमणि श्री रविदास जी की 649वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई

पाली।रैगर समाज द्वारा संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की 649वीं जयंती रविवार, 1 फरवरी को माघ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संत रविदास सर्किल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भव्य वाहन रैली एवं शोभायात्रा का आयोजन किया गया।


शोभायात्रा सूरजपोल से प्रारंभ होकर अम्बेडकर सर्किल, गांधी मूर्ति, सुभाष सर्किल व रेलवे स्टेशन होते हुए पुनः संत रविदास सर्किल पहुंची। इस दौरान समाज के महिला-पुरुष बैंड-बाजों की धुन पर नाचते-गाते हुए संत रविदास जी के जयघोष लगाते नजर आए। अम्बेडकर सर्किल पर समिति अध्यक्ष ताराचंद कुर्डिया द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


समारोह समिति के प्रवक्ता रामलाल चौहान ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व नगर परिषद सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व पार्षद अशोक बाफना, पूर्व प्रदेश मंत्री गणपत मेघवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा, ब्लॉक कांग्रेस शहर अध्यक्ष हकीम भाई सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन मदनलाल चंगेरीवाल एवं देवेंद्र मौर्य ने किया।
समारोह में अतिथियों एवं समाजसेवियों का साफा पहनाकर, मोमेंटो व दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

इस अवसर पर पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने जातिवाद का विरोध कर समाज को समानता, प्रेम और मानवता का मार्ग दिखाया।पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा ने संत रविदास जी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा— “मन चंगा तो कठौती में गंगा”, अर्थात मन की शुद्धता ही सच्ची भक्ति है और व्यक्ति का मूल्य उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके गुणों से होता है।कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष ताराचंद कुर्डिया, उपाध्यक्ष भीकमचंद नोगिया, महासचिव मदनलाल चंगेरीवाल, सचिव दीपेश जागरीवाल, कोषाध्यक्ष सुनील चौरोटिया सहित बड़ी संख्या में समाजबंधुओं का सराहनीय सहयोग रहा।

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