पाली:
राजस्थान में आगामी सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पाली जिला मुख्यालय पर वाल्मीकि समाज सेवा समिति के बैनर तले समाजबंधुओं ने मुख्यमंत्री एवं राज्य मंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADC) को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि आगामी भर्ती में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पुराने आदेशों की अक्षरशः पालना की जाए और वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए।
न्यायालय के आदेशों और 2024 के समझौते की पालना पर जोर
वाल्मीकि समाज सेवा समिति के एडवोकेट विक्रम चन्दानी एवं विनोद कुमार तेजी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2012 और 2018 की सफाई कर्मी भर्तियों के दौरान कई अभ्यर्थियों ने माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय (जोधपुर/जयपुर पीठ) से अपने पक्ष में आदेश प्राप्त किए थे। समाज की मांग है कि आने वाली नई सफाई कर्मचारी भर्ती में इन न्यायालय से आदेश प्राप्त अभ्यर्थियों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, ज्ञापन में राज्य सरकार को 05 अगस्त 2024 को हुए उस लिखित समझौते की भी याद दिलाई गई, जो संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ और राज्य सरकार के बीच विभिन्न मांगों को लेकर हुआ था। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सरकार अपने वादे के मुताबिक उक्त समझौता पत्र की पालना सुनिश्चित करे।
वंचित और विशेष श्रेणियों के लिए शत-प्रतिशत प्राथमिकता की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने केवल समाज ही नहीं, बल्कि समाज के भीतर आने वाले हर उस वर्ग की आवाज उठाई जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछड़ा है। ज्ञापन में विशेष रूप से मांग की गई है कि आगामी भर्ती में निम्नलिखित श्रेणियों को शत-प्रतिशत (100%) प्राथमिकता दी जाए:
विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं
दिव्यांगजन (विशेष योग्यजन)
खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी
प्रतिनिधिमंडल का कहना है: “सफाई कार्य पारंपरिक रूप से वाल्मीकि समाज का आधार रहा है। ऐसे में इस भर्ती में समाज के युवाओं को प्राथमिकता मिलना उनका हक है। साथ ही, समाज की मजबूर महिलाओं, दिव्यांगों और प्रतिभावान खिलाड़ियों को इसमें विशेष स्थान मिलना ही चाहिए।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में समाजबंधु रहे मौजूद
अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान वाल्मीकि समाज के महिला और पुरुष की मौजूदगी रही। इस दौरान सरकार के सामने अपनी मांगें पुरजोर तरीके से रखने वालों में महेन्द्र, सुरेश कुमार, राजेन्द्र कुमार, गवरी, ज्योति, राजू, ममता, पिंकी, फुटरी, कान्ता, पारस, रेखा, सुरेश कुमार, विनोद, प्रहलाद, किशोर कुमार, सुशीला, लता, गुटी, और योगिता कुमारी सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
